विश्व की अर्थव्यवस्था World Economic - BHARAT GK

24 April 2018

विश्व की अर्थव्यवस्था World Economic

विश्व की अर्थव्यवस्था | World Economic

विश्व की अर्थव्यवस्था को तीन भागों में बांट कर अध्ययन करते हैं–
  1. 1. पूंजीवादी अर्थव्यवस्था
  2. 2. साम्यवादी अर्थव्यवस्था
  3. 3. मिश्रित अर्थव्यवस्था

पूंजीवादी अर्थव्यवस्था

पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का विकास यूरोप यानि इंग्लैंड में हुआ। यह अर्थव्यवस्था पूंजी के असमान वितरण पर आधारित है इस अर्थव्यवस्था में पूंजी का केंद्रीयकरण होता है यानी पूंजी कुछ हाथों में केंद्रित होती है और आर्थिक शोषण पर आधारित होता है।

साम्यवादी अर्थव्यवस्था

साम्यवादी या समाजवादी अर्थव्यवस्था में उत्पादन के साधनों पर सरकार या समाज का नियंत्रण रहता है। 1929 -30 में विश्वव्यापी मंदी के पश्चात समाजवादी अर्थव्यवस्था का विकास हुआ। इसका जनक केन्स माना जाता है। इस अर्थव्यवस्था का विकास रूस में हुआ।

मिश्रित अर्थव्यवस्था

मिश्रित अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र दोनों का अस्तित्व रहता है भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था है इसका आधार भाग - 4 के निर्देशक सिद्धांत में वर्णन है मिश्रित अर्थव्यवस्था में कल्याणकारी अर्थव्यवस्था पर बल दिया गया है। इस अर्थव्यवस्था को प्रो० लर्नर ने नियंत्रित अर्थव्यवस्था कहा। जबकि हेनसन ने द्वेद अर्थव्यवस्था कहा। इस अर्थव्यवस्था का तिन प्रणाली है।
  1. 1. मिश्रित बाजार प्रणाली
  2. 2. नियोजित मिश्रित प्रणाली
  3. 3. बाजार प्रधान नियोजित मिश्रित प्रणाली

मिश्रित बाजार प्रणाली

मिश्रित बाजार प्रणाली डिमांड और सप्लाई पर आधारित होती है। यह प्रणाली लाभ पर आधारित है। सरकार कल्याणकारी कार्य करती है लेकिन विकास में सक्रिय भागीदारी नहीं रहती है।

नियोजित मिश्रित प्रणाली

नियोजित मिश्रित प्रणाली में योजना आयोग द्वारा लक्ष्य को निर्धारित किया जाता है। दोनों उद्योग का अस्तित्व रहता है सामाजिक लाभ के दृष्टिकोण पर नियम को प्रतिपादित किया जाता है।

बाजार प्रधान नियोजित प्रणाली 

बाजार प्रधान नियोजित प्रणाली में उदारवादी दृष्टिकोण को अपनाया जाता है और उसे संचालित किया जाता है। 1991 के पश्चात भारत में जो आर्थिक सुधार हुई बाजार प्रधान नियोजित अर्थव्यवस्था का विकास हुआ। ऐसी अर्थव्यवस्था में आर्थिक विकास वैश्वीकरण की अवधारणा पर आधारित रहता है।
उदारवादी अर्थव्यवस्था का जनक पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव और उनके वित्त मंत्री श्री मनमोहन सिंह को माना जाता है। 24 जुलाई 1991 में जो नई औद्योगिक नीति की घोषणा की गई उसके बाद बाजार में वैश्वीकरण आया। उदारीकरण के तीन आधार स्तंभ है –
  1. उदारीकरण
  2. बाजारीकरण
  3. निजीकरण

Comments