26 December 2017

प्रतिहार वंश | Gurjara-Pratihara

प्रतिहार वंश | Gurjara-Pratihara

गुर्जर प्रतिहार वंश के संस्थापक नागभट्ट प्रथम (730-760 ई०) थे। इसे ही प्रतिहार वंश भी कहा जाता है। इसकी राजधानी उज्जैन थी। प्रतिहार मंदौर के मूल निवासी थे। नागभट्ट प्रथम के समय अरब का भारत पर आक्रमण हुआ। इसके बाद कक्कूक और देवराज शासक बने। ये अयोग्य शासकों में गिने जाते हैं। गुर्जर प्रतिहार वंश के प्रमुख शासक वत्सराज, नागभट्ट द्वितीय, मिहिरभोज, महेंद्र पाल, महिपाल, राजपाल आदि थे।

वत्सराज (780 - 800 ई०)

प्रतिहार वंश का शक्तिशाली शासक वत्सराज (780 -800 ई०) थे। सम्राज्य विस्तार के क्रम में कन्नौज पर आक्रमण किया। कन्नौज के साथ-साथ इंदिरा युद्ध को परास्त कर सामंत के रुप में शासन करने दिया। कन्नौज पर आधिपत्य को लेकर पाल शासक धर्मपाल को भी परास्त किया लेकिन राष्ट्रकूट के शासक ध्रुव के हाथों वत्सराज की हार हुई अनुकूल स्थिति पाकर धर्मपाल ने कन्नौज पर आधिपत्य कायम कर लिया और इंदिरा युद्ध को हराकर चकरा युद्ध को शासक बना दिया।

नागभट्ट द्वितीय (800 - 833 ई०)

वत्सराज के पश्चात नागभट्ट द्वितीय (800 - 833 ई०)  शासक बने इन्होंने चकरा युद्ध को परास्त कर कन्नौज को दूसरी राजधानी बनाया और पाल शासक धर्मपाल को भी परास्त किया लेकिन राष्ट्रकूट शासक गोविंद तृतीय के हाथों परास्त हुआ।

मिहिर भोज या भोज प्रथम (836–885 ई०)

इस वंश के सबसे शक्तिशाली शासक मिहिर भोज (836 - 885) थे। इनकी जानकारी अरब यात्री सुलेमान के विवरण से मिलती है। मिहिरभोज पहले पाल शासक देवपाल से प्राप्त हुआ और राष्ट्रकूट शासक गोविंद तृतीय से भी परास्त होना पड़ा। पुनः पाल शासक नागभट्ट पाल को परास्त किया और राष्ट्रकूट शासक कृष्ण द्वितीय को भी प्राप्त किया। मिहिरभोज वैष्णव धर्म को मानते थे। इन्होंने आदिवराह और प्रभास की उपाधि धारण किया। आदिवराह की उपाधि उसने विष्णु के सम्मान में धारण किया था।


महेंद्र पाल प्रथम (885 - 910 ई०)

मिहिर भोज के पश्चात इनका पुत्र महेंद्र पाल प्रथम (885 - 910) शासक बना। यह विद्वान थे उनके दरबार में प्रसिद्ध विद्वान राजशेखर रहते थे। राजशेखर ने काव्यमीमांसा, बाल रामायण, बाल भारत, कर्पूरमंजरी, विद्धशालभंजिका, भुवनकोश और हरिविलास की रचना किया।

महिपाल (913 - 944 ई०)

महेंद्र पाल के बाद भोज द्वितीय (910 -913 ई०) और इसके बाद महिपाल (913 - 944 ई०) शासक बना। महिपाल के समय इंद्र तृतीय कन्नौज पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दिया। इसीके समय बगदाद यात्री अल मसूदी ने भारत की यात्रा किया। महिपाल के समय प्रतिहार वंश का विघटन प्रारंभ हो गया अंतिम शासक यशपाल (1024 -1036 ई०) थे। इनके समय 1018 में मोहम्मद गजनबी ने कन्नौज पर आक्रमण कर आधिपत्य कायम कर लिया।

प्रतिहार शासकों की सूची :

  • नागभट प्रथम (730–760)
  • कक्कूक और देवराज (760–780)
  • वत्सराज (780–800)
  • नागभट्ट द्वितीय (800–833)
  • रामभद्र (833–836)
  • मिहिर भोज या भोज प्रथम (836–885)
  • महेन्द्रपाल प्रथम (885–910)
  • भोज द्वितीय (910–913)
  • महिपाल (913–944)
  • महेन्द्रपाल द्वितीय (944–948)
  • देवपाल (948–954)
  • विनायकपाल (954–955)
  • महिपाल द्वितीय (955–956)
  • विजयपाल (956–960)
  • राजपाल (960–1018)
  • त्रिलोचनपाल (1018–1027)
  • यसपाल(1024–1036)

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