भारतीय वित्तीय संस्थान | India Financial Institutions - BHARAT GK

22 April 2018

भारतीय वित्तीय संस्थान | India Financial Institutions

भारतीय वित्तीय संस्थान:

अर्थव्यवस्था में वित्तीय संस्थान उन संस्थाओं को कहा जाता है जो अपने ग्राहकों को वित्तीय सेवाएं जैसे ग्राहक का धन रखना, ऋण देना, बैंक ड्राफ्ट देना, आदि जैसे कार्य करते हैं। किसी भी देश की प्रगति में वित्तीय संस्थानों की भूमिका होती है। वित्तीय संस्थान बैंक इंसुरेंस, म्यूच्यूअल फंड, गृह ऋण, शेयर बाजार, क्रेडिट कार्ड के क्षेत्रों में काम करते हैं। वित्तीय संस्थानों का मुख्य कार्य देश की मुद्रा के प्रभाव को नियंत्रित करना होता है । भारत के प्रमुख वित्तीय संस्थान :

भारतीय औद्योगिक वित्त निगम (Industrial Finance Corporation of India)

भारतीय औद्योगिक वित्त निगम (Industrial Finance Corporation of India) की स्थापना 1948 में किया गया। यह विश्व बैंक और वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करती है। वित्त निगम 1975 में जोखिम पूंजी फाउंडेशन (Risk Capital Fund) की स्थापना किया। औद्योगिक वित्त निगम 25 वर्षों के लिए ऋण देती है।

राज्य वित्त निगम (State Financial Corporations)

राज्य वित्त निगम की स्थापना 1995 में किया गया। यह औद्योगिक फॉर्मों को सहायता प्रदान करती है। राज्य वित्त निगम 20 वर्षों के लिए ऋण देती है।
भारत में 18 राज्य वित्तीय निगम (SFCs) कार्य कर रहे हैं :
  1. आंध्र प्रदेश राज्य वित्तीय निगम (APSFC)
  2. हिमाचल प्रदेश वित्तीय निगम (HPFC)
  3. मध्य प्रदेश वित्तीय निगम (MPFC)
  4. पूर्वोत्तर विकास वित्त निगम (एनईडीएफआई)
  5. राजस्थान वित्त निगम (आरएफसी)
  6. तमिलनाडु औद्योगिक निवेश निगम लिमिटेड
  7. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (UPFC)
  8. दिल्ली वित्तीय निगम (डीएफसी)
  9. गुजरात राज्य वित्त निगम (जीएसएफसी)
  10. गोवा के आर्थिक विकास निगम (ईडीसी)
  11. हरियाणा वित्त निगम (एचएफसी)
  12. जम्मू-कश्मीर राज्य वित्तीय निगम (JKSFC)
  13. कर्नाटक राज्य वित्तीय निगम (KSFC)
  14. केरल वित्तीय निगम (केएफसी)
  15. महाराष्ट्र राज्य वित्तीय निगम (MSFC)
  16. ओडिशा राज्य वित्त निगम (ओएसएफसी)
  17. पंजाब वित्त निगम (पीएफसी)
  18. पश्चिम बंगाल वित्त निगम (WBFC)

भारतीय औद्योगिक विकास निगम (IDBI)

भारतीय औद्योगिक विकास निगम (Industrial Development Bank of India - IDIBI) की स्थापना जुलाई 1964 में हुआ। यह आरबीआई के नियंत्रण में कार्य करती है। 1976 में सरकार ने इसे अपने हाथों में ले लिया। यह 1976 से सॉफ्ट लोन प्रदान करती है इससे SEBI द्वारा बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसका मुख्यालय मुंबई में है।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India - SEBI) की स्थापना 12 अप्रैल 1988 को किया गया। इसे सरकार द्वारा 199 में सेबी अधिनियम 1992 के तहत मान्यता मिली। SEBI का प्रमुख उद्देश्य भारतीय स्टाक निवेशकों के हितों का उत्तम संरक्षण प्रदान करना और प्रतिभूति बाजार के विकास तथा नियमन को प्रवर्तित करना है। सेबी का मुख्यालय मुंबई में है।

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI)

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक की स्थापना 2 अप्रैल 1990 को किया गया। इसे 250 करोड़ की राशि से शुरू किया गया लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 1000 करोड़ कर दिया गया। यह औद्योगिक विकास बैंक के नियंत्रण में कार्य करती है। इसका मुख्यालय लखनऊ में है।

भारतीय न्यास परिषद (Unit Trust of India - UTI)

इसकी स्थापना फरवरी 1964 में मैं किया गया। इसकी प्राथमिक पूंजी 5 करोड़ थी। देश से बाहर पहला निधि कोष की स्थापना लंदन में 1986 में तथा दूसरा अमेरिका में 1988 में किया गया। 1998 में शेयर के दाम गिरने से मंदी आई परिणाम स्वरुप 15 जनवरी 2003 को यूटीआई का दो भागों में विभाजन कर दिया गया -
यूटीआई प्रथम - यूटीआई प्रथम सरकार के नियंत्रण में कार्य करती है।
यूटीआई द्वितीय - यूटीआई तिन बैंकों के नियंत्रण में कार्य करती है - रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और ऑफ़ बड़ोदरा बैंक।
UTI मुख्य उद्देश्य निम्न बचत को उत्साहित करना और देश के समृद्धि में लगाना है। यूटीआई का मुख्यालय मुंबई में है। UTI भारत की सबसे बड़ी म्यूच्यूअल फंड की संस्था है।

भारतीय निर्यात आयात बैंक या एक्सिम बैंक (Export–Import Bank of India or Exim Bank)

इसकी स्थापना 1 जनवरी 1982 को किया गया स्थापना का उद्देश्य औद्योगिक विकास के अंतरराष्ट्रीय वित्त को संभालना और निर्यात और आयात में सहायता उपलब्ध कराना है। 2003 में इसका नाम बदलकर एग्जिम बैंक कर दिया गया।

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