राष्ट्र संघ न्यासी परिषद | United Nations Trusteeship Council

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राष्ट्र संघ न्यासी परिषद | United Nations Trusteeship Council

Map of UN trust territories
By M. Provazník,via Wikimedia Commons

न्यासी परिषद (Trusteeship Council) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पराजित राष्ट्रों की संपत्ति को लौटाना और उसका पुनर्निर्माण करना था। जो राज्य पूर्ण रूप से स्वशासन की स्थिति में नहीं आ पाए उन्हें न्यास (trust) समझते हुए  विकसित राष्ट्र उनके प्रति न्यासी (trustee) का भाव रख उसका उद्धार कर पूर्ण रुप से स्वतंत्र करना और उसकी अर्थव्यवस्था को अपने पैरों पर खड़ा करने में सहायता प्रदान करना इसका उद्देश्य था। इस परिषद में 11 देशों को रखा गया जिन्हें न्यासी क्षेत्र (Trusteeship territory) कहा गया। नवंबर 1996 ईस्वी में अमेरिका द्वारा प्रशासित प्रशांत द्वीप पलामू की  स्वतंत्रता के साथ ही न्यासी परिषद की स्थापना का उद्देश्य लगभग पूर्ण हो चुका है । 20 वर्षों के अंदर ही सारी समस्याओं का निदान कर दिया गया फिर भी इसका वजूद बना हुआ है । वर्ष में इसका अधिवेशन दो बार जून और नवंबर में होता है। इस परिषद में सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्य शामिल है। न्यासी परिषद के वर्तमान अध्यक्ष फ्रांस के अलेक्सिस लमेक (Alexis Lamek) तथा उपाध्यक्ष यूनाइटेड किंगडम के पीटर विल्सन हैं।

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