चालुक्य वंश - पश्चिमी चालुक्य या कल्याणी का चालुक्य | Chalukya Dynasty - Chalukya of Kalyani

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चालुक्य वंश - पश्चिमी चालुक्य या कल्याणी का चालुक्य | Chalukya Dynasty - Chalukya of Kalyani :

जिन चालुक्यवंशी राजाओं ने हैदराबाद राज्य क्षेत्र अथवा कल्याणपुर को अपनी राजधानी बनाया उन्हें कल्याणी का चालुक्य कहा गया। पश्चिमी चालुक्य या कल्याणी के चालुक्य वंश की स्थापना तैलब प्रथम ने किया परन्तु स्वतंत्र शासक तैलब द्वितीय के होने के कारण कल्याणी के चालुक्य वंश का संस्थापक तैलप द्वितीय  को माना जाता है। तैलप द्वितीय मान्यखेट को अपनी राजधानी बनाया।
सबसे शक्तिशाली विक्रमादित्य षष्ठ थे उन्होंने 1076 ई० में राज्यभिषेक के उपलक्ष्य में एक संवत जारी किया जो चालुक्य विक्रम संवत के नाम से विख्यात है।

इनसे पहले 57 या 58 ईसा पूर्व विक्रम संवत, 78 ई० में शक संवत, 319 ई० में गुप्त संवत तथा 606 में हर्ष संवत और 622 हिजरी संवत जारी हुआ था।

विक्रमादित्य ने विक्रम कुंड नामक नगर को बसाया और विष्णु मंदिर का निर्माण करवाया। विक्रमादित्य षष्ठ केे दरबार में विक्रमांकदेवचरित्र के लेखक विल्हण तथा हिन्दू कानून की प्रसिद्ध पुस्तक मिताक्षरा के लेखक विज्ञानेश्वर रहते थे। चालुक्यों के शासनकाल में चिकने काले पत्थर का बहुत अधिक मात्रा में प्रयोग किया गया था। लकुण्डी का कासही विश्वेश्वर का मंदिर एवं इत्तगी का महादेव का मंदिर स्थापत्य कला का सुंदर उदाहरण है।
कल्याणी के चालुक्य वंश का अंतिम शासक तैलप तृतीय था । 1090 में होयसल तथा यादव वंश ने कल्याणी के चालुक्य वंश का अंत कर दिया।

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