नंद वंश | Nanda Empire in Hindi



नंद वंश के संस्थापक महापद्यनन्द या उग्रसेन थे। ये शूद्र थे।
इन्हें परशुराम के समान क्षत्रियों का नाश करने वाला बताया गया है। इन्होंने एक छत्र राज स्थापित किया इसलिए इन्हें एकराट भी कहा गया है। इन्होंने पांचाल, कौशल, कलिंग, कुरु और अवंती पर नियंत्रण स्थापित किया। इनका साम्राज्य दक्षिण में विद्यांचल तक फैला था। कलिंग विजय के बाद वहां एक नहर निर्माण करवाया।
इनकी मृत्यु के पश्चात् इन के आठ पुत्रों में धनानंद अंतिम और सबसे शक्तिशाली थे। यूनानी लेखक धनानंद को अग्रमीज कहते थे। इनके पास असीम संपत्ति और विशाल सेना थी। ऐसा माना जाता है कि उनके पास दो लाख पैदल सेना 20000 अश्वारोही 2000 रथ तथा 3000 हाथी था। इनके सेनापति भट्ट साल था। ऐसा माना जाता है कि 80 करोड़ की संपत्ति राजगीर के पहाड़ी में  छुपाया था। इन्होंने चाणक्य को अपमानित किया था इसीलिए चाणक्य चंद्रगुप्त मौर्य की सहायता से धनानंद का अंत कर दिया और मौर्य वंश की स्थापना किया।

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